
पढ़ाई के साथ संस्कार और अनुशासन भी जरूरी, बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण : डीईओ रजनीश तिवारी”
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा सधवानी में हर्षोल्लास से मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा सधवानी में नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर शाला प्रवेश उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कक्षा पहली एवं कक्षा छठवीं के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर तथा पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ठाकुर तथा बीआरसी संतोष सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधान पाठक एवं संकुल समन्वयक द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं एसएमसी अध्यक्ष एवं सदस्यों का भी तिलक लगाकर सम्मान किया गया।
अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों को शासन द्वारा प्रदत्त निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश वितरित किए तथा उन्हें मिठाई खिलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बच्चों से सीधा संवाद करते हुए उनके सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से शिक्षा के महत्व को सरल एवं रोचक ढंग से समझाते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में नया प्रकाश लाती है और इसी प्रकाश से समाज, गांव तथा देश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखें तथा प्रतिदिन यह जानने का प्रयास करें कि उनके बच्चे विद्यालय में क्या सीख रहे हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे व्यक्ति अपने जीवन के साथ-साथ समाज और देश की दिशा एवं दशा बदल सकता है। उन्होंने ग्रामवासियों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।
बीआरसी संतोष सोनी ने शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उल्लास कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम गांव के वयस्क एवं बुजुर्ग नागरिकों को साक्षर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम के अंत में संकुल समन्वयक शिव प्रसाद मिश्रा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने और प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में एसएमसी अध्यक्ष एवं सदस्य, बड़ी संख्या में माताएं, ग्रामवासी तथा विद्यालय के शिक्षक महेश राठौर, होमेश राठौर, पीयूष गुप्ता, आशीष साहू, रावल प्रताप सिंह, छाया केसरवानी, आलोक शुक्ला एवं ऋषि मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।













